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निदेशक का संदेश


                                               
आईआईएमए उद्यमों के अग्रणियों को शिक्षित करने का लक्ष्य रखता है। हम विश्वास है कि ये अग्रणी  अपने संगठनों में और उनके आसपास की दुनिया में कुछ अलग कर दिखाने के लिए योगदान करेंगे।

हमारा प्रयास है कि, हम प्रवासी भारतीय पूर्वछात्रों की सद्भावना की पूंजी के लिए, नियोक्ताओं तथा संभावित छात्रों की प्रतिष्ठा और हमारे संकायों व कार्मिकों की प्रतिबद्धता के प्रति ध्यान खींचना चाहेंगे। 


संस्थान के भविष्य में बेशुमार वादे हैं। विश्वस्तर पर श्रेष्ठ प्रबंधन स्कूलों में से एक के रूप में हमारे संस्थान की पहचान हो उसके प्रति हम नज़र गड़ाये हुए हैं। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए, संस्थान तीन-आयामी दृष्टिकोण अपना रहा है : संबंध जोड़ना, पोषण करना और आगे बढ़ना। हम -

 
 
- व्यवहार व नीति के जगत् के साथ, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक कार्य से, पूर्वछात्रों के साथ, और स्थानीय समुदाय के साथ लगातार जुड़े रहेंगे।

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 स्वायत्ता, विस्तार एवं समूह कार्य के साथ उच्च कार्यप्रदर्शन पर जोर देते हुए सहयोग के माहौल का पोषण  करेंगे।    

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अपनी क्षमता बढ़ायेंगे, परन्तु इसके लिए विचारपूर्ण एवं रणनीतिक तरीकों से आगे बढ़ेंगे, हमारी महत्त्वाकांक्षा के अनुरूप प्रभाव बढ़ायेंगे, और सुनिश्चित करेंगे कि हम हमारे लोगों की गुणवत्ता तथा अनुभवों को बनाये रखेंगे। 


इन तीन सामरिक प्राथमिकताओं – संबंध जोड़ना, पोषण करना, और आगे बढ़ना – के द्वारा उद्यमों के अग्रणियों को प्रबंधन में श्रेष्ठ वैश्विक प्रबंधन शिक्षा प्रदान करते हुए विकास करना हमारे प्रयासों के मूल में हैं। 
 

प्रोफ़ेसर आशीष नंदा