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पर्यटन

अहमदाबाद की यात्रा अपनी सुरम्य हवेलियों को देखे बिना अधूरी है। 19 वीं सदी के प्रारंभ में संभ्रांत अमीरों की उदात्त जीवन शैली के एक प्रशंसापत्र के रूप में ये हवेलियाँ खड़ी है।

अहमदाबाद की इस्लामी स्थापत्य कला और मस्जिदों से गुजरात का भारत में अनोखा योगदान है। इनमें मूर्ति अलंकरण के पारंपरिक हिंदू कला के साथ इस्लामी डिजाइन के सिद्धांतों का एक संयोजन दिखता है। सिद्दी सैयद मस्जिद, जुम्मा मस्जिद, सरखेज रोज़ा, रानी रूपमति मस्जिद, शाह आलम रोज़ा जैसी कुछ मस्जिद हैं, जिसका हर एक पर्यटक को दौरा करना चाहिए। पुराना शहर इतिहास के रसिक प्रवासी और चलते हुए हर एक भाग का पता लगाने के उत्सुकों के लिए एक 'विरासत' प्रदान करता है। यह कालुपुर के स्वामीनारायण मंदिर से शुरू होता है और जुम्मा मस्जिद पर समाप्त होता है।

एक दिन या सप्ताहांत यात्रा के लिए नज़दीक के स्थान - मोढेरा का सूर्य मंदिर, अडालज की बाव, एशियाई शेर का अंतिम निवास स्थान (गिर), चंपानेर का विश्व विरासत स्थल, जूनागढ़ में गिरनार पर जैन मंदिर, कच्छ का नमक का रण (साथ में जंगली गधों का अभयारण्य), वडोदरा में स्थित संग्रहालय और महल और माउंट आबू पर एक हिल स्टेशन आदि देखने लायक हैं।